Sunday, April 21, 2013

नव संवत

नव संवत की पहली सुबह अपने आँचल में ढेर सारी सौगातें ले कर आई है. अब हम और हमारी कोशिशों पर निर्भर करता है कि हमारे भाग्य में कौन सी सौगात है. सभी की व्यक्तिगत कामना पूरी हो, इसके साथ ही, आओ हम सब मिलकर एक कामना मानवता की भलाई के लिए करें. 

नया वर्ष सारे विश्व में आतंकवाद को समाप्त करके शांति लाये. यह आतंकवाद कुछ नासमझ लोगों के अधीर मन की उपज है जो दूसरों को को फलता फूलता देखकर धीरज खो बैठते हैं तथा उन्हें नुक्सान पहुंचाकर, उन्हें तडपता हुआ देखकर तृप्त होते हैं. इस तरह दहशत फैलाने में वे स्वयं अपनी अमूल्य जिदगियाँ दांव पर लगा देते है. इस आतंक के मास्टर माइंड लोग मासूम नौजवानों के कोमल मन व दिमाग को इतना भटका देते हैं कि उन्हें सही व गलत का पता ही नहीं लग पता और कुछ रुपयों की खातिर वे कई परिवारों को अनाथ कर जाते हैं.

आज हम सब मिलकर दुआ करें कि ईश्वर विश्व के सभी नौजवानों को सद्बुद्धि प्रदान करें. अगर नव वर्ष की झोली में हमारे लिए कोई ख़ास तोहफा है तो वह निर्दोष मासूम लोगों की भलाई व भटके हुए नौजवानों की सद्बुद्धि में परिवर्तित हो जाए.

-उषा तनेजा

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